Chapter 2 Verses 56

He whose mind is not shaken by adversity, who does not hanker after pleasures, and who is free from attachment, fear and anger, is called a sage of steady wisdom.

गीता में अर्जुन के नामों के अर्थ

अनघः पापरहित, निष्पाप |
कपिध्वजः जिसके ध्वज पर कपि माने हनुमान जी हैं वह |
कुरुश्रेष्ठः कुरुकुल में उत्पन्न होने वालों में श्रेष्ठ |
कुरुनन्दनः कुरुवंश के राजा के पुत्र |
कुरुप्रवीरः कुरुकुल में जन्मे हुए पुरुषों में विशेष तेजस्वी |
कौन्तेयः कुंती का पुत्र |
गुडाकेशः निद्रा को जीतने वाला, निद्रा का स्वामी अथवा गुडाक माने [...]

गीता में श्रीकृष्ण भगवान के नामों के अर्थ

अनन्तरूपः जिनके अनन्त रूप हैं वह |
अच्युतः जिनका कभी क्षय नहीं होता, कभी अधोगति नहीं होती वह |
अरिसूदनः प्रयत्न के बिना ही शत्रु का नाश करने वाले |
कृष्णः ‘कृष्‘ सत्तावाचक है | ‘ण‘ आनन्दवाचक है | इन दोनों के एकत्व का सूचक परब्रह्म भी कृष्ण कहलाता है |
केशवः क माने ब्रह्म को [...]